Saturday, November 29, 2014

मेरी मोहब्बतें

हर पल उसे सोचना
हर पल उसे खोजना
कभी उसे पा लेना
कभी उसे खो देना
मैं अजीब, मेरी मोहब्बतें मुझसे भी अजीब
उसे याद करना और रो देना
और उसे याद ना करना और फिर रो देना।
है ना अजीब मैं भी और मेरी मोहब्बत भी।

Friday, November 07, 2014

मेरी खुली आँखों के सपने


इन आँखों में अब नींद कहाँ आएगी, इनको नया सपना जो मिल गया है। 
सपना, सपना किसी लड़के का नहीं, किसी नए रिश्ते का नही 
बस मेरे सपनो का है। 
सपने, सपने मेरे आज के 
मेरे कल के 
मेरे भविष्य के

ये है 
मेरी खुली आँखों के सपने 

Great People.. Love You All :)