Friday, August 01, 2014

Life In A... Metro


जिंदगी भी तो मेट्रो ट्रैन की तरह है ना । 


life like metro
Life In A... Metro


रोज़ ही नई सवारी आती है और अपने गंतव्य स्थान पर उत्तर जाती है बिल्कुल वैसे ही जैसे आपकी और मेरी जिंदगी में होता है। हमारी जिंदगी की राह में हमें अक्सर नए दोस्त मिलते है साथ चलने के लिए पर जैसे ही उनकी मंजिल आती है चले जाते है अपनी मंजिल की ओर। 

कभी तो साथी बनते है सुख दुःख के , कभी बस चेहरे देख कर निकल जाते है। उनमे से शायद कुछ दोस्त भी बन जाते है और बहुत लोग अजनबी ही रह जाते है।  जो बनते है दोस्त वे भी तो अपने गंतव्य स्थान के आने पर "Keep in Touch" बोल कर आगे निकल जाते है। 

पर मेट्रो की ही तरह जिंदगी भी रूकती नही कहीं, बस चलती रहती है एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन और फिर दूसरे से तीसरे। ....... बस चलती जाती है.……… चलती जाती है..............  चलती जाती है.…………

तो हो गई ना Life In A... Metro 

:)

Great People.. Love You All :)