Wednesday, December 04, 2013

क्या था ये एहसास.. क्या था ये कुछ खास...


कुछ अलग सा था, कुछ खास, कुछ अलग
कुछ नया, कुछ खुशनुमा,
क्या था ये कुछ कुछ??
शायद प्यार, शायद लगाव

शायद कोई इंसान, शायद कोई दोस्त
क्या था ये एहसास?
क्या था ये कुछ खास?


लग रहा था जैसे देख रही हूँ सपना
जिसमे मैं राजकुमारी, बाकी सब की खास,
मेरा मुस्कुराना जैसे सबके मुस्कुराने का कारण हो.
ऐसा शायद सिर्फ़ मुझे महसूस हो रहा था,
आख़िर क्या था ये एहसास?
मैं सातवें आसमान पर महसूस कर रही थी.
बिना पंख के ही उड़ रही थी.

समुद्र की लहरें जैसे मेरे दिल की तरह हिलोरें मार रही थी.
जैसे मेरे चंचल दिल की तरह अटखलियान ले रहा हो.
 
क्या था ये एहसास?
क्या था ये कुछ खास?
ये था शायद सिर्फ़ और सिर्फ़ प्यार
ये था शायद सिर्फ़ और सिर्फ़ प्यार


4 comments:

  1. Liked it so much Monica :) The photographs and your words :) :)

    Someone is Special

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    1. Someone is Special
      Thank you for writing this comment. Actually this is exact feeling when we are in new relationship, which I have tried to pen down with each emotions.

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  2. wow..so nice...keep going...

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    Replies
    1. Thank you Anonymous friend....agar apna nam bhi bataya hota to aur bhi acha hota.... :)

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