Thursday, September 26, 2013

कितने ख्याल, कितनी बातें

कितने ख्याल, कितनी बातें दिल मे दबाए बैठी हूँ,
जैसे कोई तूफ़ान छुपाए बैठी हूँ

क्या ख़्याल, क्या बातें, कितनी कहानियाँ, कितने किस्से,
सभी को एक माले मे पिरोए बैठी हूँ

एक एक मोती मे एक एक किस्से
लगता है तुझे इस माले मे संजोय बैठी हूँ

क्या चाहती हू तुझसे नही जानती
पर तुझे अपने सपने मे संजोय बैठी हूँ

तेरा नाम जपु एक जोगन सी
एक उम्मीद तुझमे संजोय बैठी हूँ

सुनेगा किसी दिन इस उम्मीद को
बस इसी उम्मीद को संजोय बैठी हू


कितने ख्याल, कितनी बातें दिल मे दबाए बैठी हूँ,
जैसे कोई तूफ़ान छुपाए बैठी हूँ

इतने किस्से इतनी कहानियाँ, तू इन सब मे तो है
पर क्यू मेरे साथ नही है, फिर क्यू तुझे मैं संजोय बैठी हूँ


क्यूँ तू साथ हो कर भी साथ नही है
क्यू तेरे ख़यालों से परे कोई बात नही है

क्यू तेरे ख्याल ही मेरे साथ,
क्यू तू मेरे साथ नही है

थोडा वक़्त निकल मेरे लिए भी
चल तुझे ले चलूं एक दूसरी ही दुनिया मे

जहाँ है ना जाने कितनी ही तेरी कहानियाँ
तेरे कितने ही किस्से, ना जाने कितने ही सपने

कितने ख्याल, कितनी बातें दिल मे दबाए बैठी हूँ,
जैसे कोई तूफ़ान छुपाए बैठी हूँ







8 comments:

  1. बहुत अच्छा लिखा है… वाकई मज़ा आ गया इसे पढ़कर……
    उम्मीद कभी नहीं छोडनी चाहिए
    उम्मीद पर ही दुनिया कायम है…

    और अंतरा तो वाकई बहुत ही अनुपम है…

    थोडा वक़्त निकल मेरे लिए भी
    चल तुझे ले चलूं एक दूसरी ही दुनिया मे

    जहाँ है ना जाने कितनी ही तेरी कहानियाँ
    तेरे कितने ही किस्से, ना जाने कितने ही सपने

    कितने ख्याल, कितनी बातें दिल मे दबाए बैठी हूँ,
    जैसे कोई तूफ़ान छुपाए बैठी हूँ

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    1. Thank you Pawan for reading & appreciating my Poem

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  2. Nice post, but Hindi me hota to acha tha.

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    1. Oh.................
      to kya ye tumhari telugu me tha..................
      BTW mujhe telugu nahi aati................

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