Wednesday, May 15, 2013

ख्वाहिशों की दुनिया





ये दुनिया ख्वाहिशों की दुनिया...जहाँ कभी ख्वाहिशें बनती है अभिशाप....कभी वरदान...
कभी कोई ख्वाहिश दिलाती है पहचान और कभी छीनती है...

कभी कोई ख्वाहिश छोड़ देती है बीच रास्ते में या कभी ले लेती है किसी की जान...
क्या कहें, क्या है ख्वाहिशें...चाहिए सब कुछ इस जिन्दगी में...

बस एक खवाहिश है सभी खुशियाँ रास्ते में बिखरे चमकीले कंकड़ की तरह हो जाये...
बस हम रुकते जाये और उठाते जाये...

हमारी खुशियाँ ज्यादा बड़ी नहीं बस जिन्दगी छोटे पल है जिन पर हम मुस्कुराते जाये....
बस इतनी ही खवाहिश है मेरी 

3 comments:

I love to hear from you about this post..

Great People.. Love You All :)