Wednesday, November 28, 2012

ख़याल ऐसे ही



नमस्कार दोस्तों!!!


पहले तो मैं माफी माँगना चाहती हू क्युकि सितंबर से एक भी ब्लॉग नही लिखा है||

पर आज मैं ये मेरा पहला ब्लॉग है जिसमे मैं हिंगलिश मे लिख रही हू....

शायद आप लोगो को पसंद आए...और अगर नही आया तो कॉमेंट कर के बता दीजिए|

मैं आपके सुझावों का इंतजार करूँगी||




पिछले महीने से सोच रही कुछ लिखूं पर ऐसा लग रहा है 

जैसे कि मैं कुछ सोच ही नही पा रही हू...

जैसे कि मैं बदल गई हूँ जैसे मैं पहले किसी भी हालत मे सोचती थी अब मैं नही सोच पाती||

क्या मेरा सोचने का तरीका बदल गया है???

क्या मैं जिस एमोशन के साथ किसी भी सिचुयेशन को देखती थी वैसा नही देख पा रही हूँ

क्या करूँ??? 

बहुत कुछ लिखना चाहती हूँ बहुत कुछ बताना चाहती हूँ पर शायद अब शब्द ही नहीं मिलते 

लिखने के लिए।। लगता है मेरे शब्दों को क्या कोई समझ पाएगा ।।

क्या मेरा ऐसा सोचना  नहीं है।।।।


Great People.. Love You All :)