Monday, December 17, 2012

क्या हो तुम मेरे लिए



जा रहे हो दूर मुझसे ...
इसका एहसास तो है।
दिल चाहता है रोक लूं तुम्हे ....
         पर लगता है जब नहीं चाहते साथ मेरा तुम....
तो रोक तुम्हे क्यों पीछे बुलाऊ।
होगा बहुत दुःख मुझे 
पर तुम्हारी ख़ुशी भी चाहिए मुझे ...
क्या हो तुम मेरे लिए
इसका एहसास है मुझे

kritika & Karan

साथ बिताये थे जो पल यद् हैं सभी मुझे 
लड़ते थे , झगड़ते थे 
पर सभी बेहद अच्छे थे
वो तुम्हारे लिए मुस्कुराना 
तुम्हारी ही सिर्फ बातें करना 
पहले गुस्सा होना.. फिर मुस्कुराना
ऐसे ही बस बातें करना
सब कुछ ही तो याद है मुझे
अब कैसे कहूँ
क्या हो तुम मेरे लिए

साथ शायद था हमारा बस इतना ही 
जी लेंगे तुम्हारी इन्ही यादों के सहारे 
मैं  तुम्हे एहसास दिलाना भी चाहती हु 
और नहीं भी की क्या हो तुम मेरे लिए 
क्या हो तुम मेरे लिए

Great People.. Love You All :)